कोई मेरा भी तो हो साथ निभाने के लिए,
मुझे माँगे खुदा से अपना बनाने के लिए,
मेरे आँसू मेरी पलकों से चुराने के लिए,
बस वही हो मुझे सीने से लगाने के लिए,
यूँ तो है चाहने वाले बहुत से दुनिया में,
नहीं है कोई मगर साथ निभाने के लिए,
मेरे साँसों की रवानी तो फ़क्त धोखा है,
हाँ मै जिन्दा हूँ मगर .........?
सिर्फ दुनिया को दिखने के लिए ......
.........................राहुल श्रीवास्तव

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