Akshat Adaya
Followers
Wednesday, 6 March 2013
दिल
__________
दिल ____________
दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूँ ,
प्यार का उसे पैगाम क्या दूँ ,
इस दिल में दर्द नहीं यादें हैं , उसकी ,
अब यादे ही मुझे दर्द दे तो उसे इल्ज़ाम
क्या दूँ
....??
2 comments:
विभा रानी श्रीवास्तव
6 March 2013 at 23:46
दिल को इल्ज़ाम ना दो इस्तीकबाल करो
उस के खो जाने का खौफ नहीं होता !!
Reply
Delete
Replies
Reply
Unknown
6 March 2013 at 23:50
वाह सुन्दर लाइन.......
Reply
Delete
Replies
Reply
Add comment
Load more...
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
दिल को इल्ज़ाम ना दो इस्तीकबाल करो
ReplyDeleteउस के खो जाने का खौफ नहीं होता !!
वाह सुन्दर लाइन.......
ReplyDelete