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Wednesday, 6 March 2013

~ सच्चाई ~



__________सच्चाई__________
फेसबूक की कड़वी सच्चाई पर एक नजर !

फ़ेस बुक पर एक कन्या ने , खाता नया बनाया ,
खाता खुलते ही मित्रों का ,नव संदेशा आया ।
और उन्हीं  में  एक युवक का , नम्र निवेदन पाया,
सुंदर फोटो देख के, कन्या का दिल उस पर आया।
चेटिंग करते करते नित, कन्या को युवक भाया ,
प्रेम का दरिया बह निकला,हृदय पुष्प अकुलाया ।
कन्या हुई दिवानी उसकी, मिलन का मन बनाया ,
एक नियत सुंदर स्थल पर , मिलने उसेबुलाया।
व्यस्त हूँ कहकर वह प्रेमी, मिलने न उसको आया,
लेकिन प्रेम भरी बातों का, सिलसिला नहीं घटाया।
कई माह तक कन्या से, जब वह न मिलने आया,
प्रेम से व्याकुल कन्या ने , मन में संकल्प बनाया।
पता प्रेमी का कन्या ने, एकदिन खोज कराया ,
और अचानक प्रेमी के घर, अपना कदम बढ़ाया ।
सकते मे आ गई जब , प्रेमी को उसने पाया,
वह था न कोई युवा सलोना,बासठ का बूढ़ा पाया।
बचपन का फोटो और झूठे, नाम से जाल बिछाया,
मीठी- मीठी बातों से, भोली बाला कोफंसाया ।
टूट गए सब स्वप्न सुनहरे , दिल ने धोखा खाया,
प्रेम की डोर कटी रेशमी, हृदय बहुत पछताया ।
अपनी मूरखता पर अब , कन्या को रोनाआया ,
व्यर्थ किया समय अपना , दिल पे घाव बनाया।
शादी के अच्छे सच्चे, रिश्तों को ठुकराया,
अनजान से दोस्ती का, खमियाजा उसने पायI !!
__________सच्चाई__________

फेसबूक की कड़वी सच्चाई पर एक नजर!
फ़ेस बुक पर एक कन्या ने , खाता नया बनाया ,
खाता खुलते ही मित्रों का ,नव संदेशा आया ।
और उन्ही मे एक युवक का , नम्र निवेदन पाया,
सुंदर फोटो देख के, कन्या का दिल उस पर आया।
चेटिंग करते करते नित, कन्या को युवक भाया ,
प्रेम का दरिया बह निकला,हृदय पुष्प अकुलाया ।
कन्या हुई दिवानी उसकी, मिलन का मन बनाया ,
एक नियत सुंदर स्थल पर , मिलने उसेबुलाया।
ब्यस्त हूँ कहकर वह प्रेमी, मिलने न उसको आया,
लेकिन प्रेम भरी बातों का, सिलसिला नहीं घटाया।
कई माह तक कन्या से, जब वह न मिलने आया,
प्रेम से व्याकुल कन्या ने , मन में संकल्प बनाया।
पता प्रेमी का कन्या ने, एकदिन खोज कराया ,
और अचानक प्रेमी के घर, अपना कदम बढ़ाया ।
सकते मे आ गई जब , प्रेमी को उसने पाया,
वह था न कोई युवा सलोना,बासठ का बूढ़ा पाया।
बचपन का फोटो और झूठे, नाम से जाल बिछाया,
मीठी- मीठी बातों से, भोली बाला कोफंसाया ।
टूट गए सब स्वप्न सुनहरे , दिल ने धोखा खाया,
प्रेम की डोर कटी रेशमी, हृदय बहुत पछताया ।
अपनी मूरखता पर अब , कन्या को रोनाआया ,
ब्यर्थ किया समय अपना , दिलपे घावबनाया।
शादी के अच्छे सच्चे, रिश्तों को ठुकराया,
अनजान से दोस्ती का, खमियाजा उसनेपायI i
..........................Rahul..................























2 comments:

  1. सुनो सुनाऊँ नए युग की एक प्रेम कहानी
    इसमें न था राजा कोई , ना थी कोई रानी
    वैज्ञानिक युग जो ठहरा एक से एक नए उपयोगी राह हैं मिलने के
    प्यार जताने के प्यार हो जाने के
    पहले facebook पर fb.f. बनें
    फिर चैटींग शुरू हुई msg.देना और जबाब का इंतजार करना
    कौन ज्यादा करता कौन कम ये तो मुश्किल था तैय करना
    फिर सच की दोस्ती मान बैठ प्यार भी हो गया
    प्यार के वादे कसमें ....। तौहफे प्रदान के रस्में
    बैचैनी बढ़ी रहना मिले बिना रहना दुश्वार हुआ
    लड़के ने जिद ठानी मिलना ही है तुम नहीं आ सकती मैं आ सकता तुम अपना पता तो बताओ
    लड़की ने शहर-घर का पता बता दिया
    लड़का आया लड़की के घर कॉल-बेल दबाया चिल्लाया open the door
    दरवाज़ा खुला एक संभ्रांत सी प्रौर्ढ़ महिला दरवाजा पर थी
    उन्होने बाइज्जत ड्राइंग- रूम में बैठाईं लड़के को कहाँ था धैर्य वो बिनम्रता से प्यार से अपनी माशूका का नाम लिया और बुला देने का आग्रह किया ....। तब उसी महिला ने बताया की वही है अब सच में होश खोने की बारी लड़के की थी क्यूँ की लड़के के उम्र 18-19 की होगी तो महिला की उम्र 45-46 की
    दोनों ने प्रेम में उम्र कहाँ पुछी थी .....।
    तड़प-तड़प के दिल से आह निकलती रहेगी और fb को कोसती रहेगी ....।
    मेरे मनोभाव के अनुकूल ........।

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    1. बहुत सुन्दर ........

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