Followers

Thursday, 7 March 2013

माँ











माँ , तेरी गोद मुझे,
मेरे अनमोल,
होने का,
एहसास कराती है॥
माँ, तेरी हिम्मत,
मुझको,
जग जीतने का,
विश्वास दिलाती है॥
माँ, तेरी सीख,
मुझे ,
आदमी से,
इंसान बनाती है॥
माँ, तेरी डाँट,
मुझे, नित नयी,
राह दिखाती है॥
माँ, तेरी सूरत,
मुझे मेरी,
पहचान बताती है॥
माँ, तेरी पूजा,
मेरा, हर,
पाप मिटाती है॥
माँ तेरी लोरी,
अब भी, मीठी ,
नींद सुलाती है॥
माँ , तेरी याद,
मुझे,
बहुत रुलाती है॥
माँ , माँ है और कोई उस
जैसा नहीं होता।
........................राहुल  श्रीवास्तव 


2 comments:

  1. माँ , तेरी याद,
    मुझे,
    बहुत रुलाती है॥ :'(
    माँ , माँ है और कोई उस
    जैसा नहीं होता। <3
    (y)

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर पंक्ति.....

    ReplyDelete